Saturday, October 6, 2012

" महानता का business "


आओ मेरे साथ एक business  डाल लो " महानता का business "
तुम मुझे बेवकूफ़ बनाना और मैं चुप रहूँगा
जब तक मैं चुप रहूँगा-महान रहूँगा
मैं तुमसे कोई उम्मीद नहीं लगाऊँगा
और हाँ एक बात और जो महान नहीं है वो कुत्ता है
ज़ाहिर है कि मैं क्यूँ खुद को कुत्ता कहलाऊं
इसलिए भौंकने का मन करने पर भी चुप रह जाता हूँ
मुझे भी मालूम है कि महान और कुत्ते के बीच
इंसान भी होता है जिसकी अपनी मजबूरियाँ
कमजोरियां लाचारियाँ और सीमाएं होती हैं
लेकिन ये सब सिर्फ   तुम पर लागू हैं
मैं तो महान हूँ और महानता भगवान् का गुण है
मैं दरअसल एक गाय हूँ और गाय भगवान् का रूप है
और भगवान् सिर्फ देने के लिए बने हैं
इसलिए जितना हो सके उतना मुझे निचोड़ो
और बिना समय गँवाए मेरे दूध को भगवान् के प्रसाद का नाम दे दो
यहाँ तक कि मेरे बच्चे  के लिए भी दूध ना बचे
उसकी चीख सुन कर जब मैं सींग हिलाऊं तो तुम मुझे मारना
और फिर जाकर भगवान् से माफ़ी मांग लेना
लेकिन एक मिनट-अब तक तो भगवान् मैं था
लेकिन तुम्हें भगवान् बदलने में कितनी देर लगती है
महानता  का business फल फूल रहा है
ज़रा संभल कर - कहीं कोई आपको भगवान् ना बना दे

-संदीप शर्मा

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