Saturday, October 6, 2012

याचक


तुमसे अब कुछ और नहीं माँगूँगा
अगर भगवान् होते तो ख़ुद ही समझ जाते 
मोहब्बत होतीं तो तुम्हें लफ़्ज़ों कि ज़रुरत ही ना होती
तुमसे अब कुछ और नहीं माँगूँगा 
मांगते ही मैं ज़रूरतमंद और तुम ख़ुदा हो जाते हो 
जो मांग रहा हूँ वो चाहे मेरा ही क्यूँ ना हो 
मुख्तलिफ़ ख़ुदाओं के इस मुल्क में 
जिस से अपना मेहनताना मांगता हूँ 
वो ख़ुदा हो जाता है 
जिस से रिश्ता बनाना चाहता हूँ 
वो ख़ुदा हो जाता है 
जिस से काम मांगता हूँ वो ख़ुदा हो जाता है 
प्रभु क्षमा करें परन्तु इन सब अवतारों का 
आपने वर्णन नहीं किया था 
आज मांग नहीं रहा आर्डर कर रहा हूँ 
कलयुग के हिसाब से श्री मद भगवद गीता का 
एक edited version बना कर कॉल कर दीजियेगा और हाँ 
आपका नंबर क्या है ?
अरे आप तो फिर ख़ुदा हो गए कुछ बोलते ही नहीं 
God you gotta talk to me no !!

संदीप 

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