अगर मैं तुमसे कोई अहसास बाँटूं
तो उसके मरने से पहले जवाब दे देना
क्यूंकि हमेशा ज़िन्दा तो कुछ भी नहीं रहता
हाँ साँप की आँखों में क़ातिल का चेहरा
ज़रूर रह जाता है
मैंने कभी वो आँखें देखी नहीं हैं
और ना ही कभी किसी का क़त्ल किया है
हाँ अक्सर मर ज़रूर जाता हूँ
अपने अहसासों की शक्ल में
संदीप

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