दिल्ली बहुत दूर है
दिल्ली बहुत दूर है
असम में जलती झोपड़ियों से
दिल्ली बहुत दूर है
सेवक ने सत्ता पायी
सत्ताधारी मंगरूर है
दिल्ली बहुत दूर है
कृषि प्रधान में मरे किसान
यहाँ सत्ता का दस्तूर है
दिल्ली बहुत दूर है
सवा अरब में तांबा जीत के
खुश होते लंगूर हैं
दिल्ली बहुत दूर है
कड़वे सच या मीठे वादे
हम वादों में मशहूर हैं
दिल्ली बहुत दूर है
पेड़ पे लटकी हांडी से
चिंगारी बहुत दूर है
दिल्ली बहुत दूर है
दिल्ली बहुत दूर है
संदीप

No comments:
Post a Comment